गुजरात के राजकोट के रहने वाले जिग्नेश नरोला को इनकम टैक्स ने 3.23 करोड़ का नोटिस भेजा है. ये नोटिस उस ट्रांजैक्शन के लिए भेजा गया है, जो उन्होंने की ही नहीं है. मामला उनके पैन कार्ड के गलत इस्तेमाल का है. नोटिस मिलने के बाद जिग्नेश नरोला इनकम टैक्स अधिकारियों को समझाया कि ये ट्रांजैक्शन उन्होंने नहीं की है, जिसके लिए उन्हें ये नोटिस भेजा गया है. ये ट्रांजैक्शन उनके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर एक C.A, अकाउंटेंट और एक क्लर्क ने की है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, नरोला ने जामनगर से राजकोट शिफ्ट होते हुए अपना पैन कार्ड विमल भट्ट को सौंपा था. विमल भट्ट अकाउंटेंट हैं. जिग्नेश नरोला ने विमल भट्ट को कहा था कि अब उसे इस पैन कार्ड की जरूरत नहीं है और वह इसे आयकर विभाग को वापस करना चाहता है. भट्ट ने ये पैन कार्ड शशांक दोशी को सौंप दिया. शशांक दोशी पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है. शशांक ने जामनगर में जिग्नेश के नाम से दो बैंक अकाउंट खुलवाए. इस मामले में तीसरा आरोपी विजय गलइया है. गलइया ने अकाउंट विटनेस पर हस्ताक्षर किए थे. इस बीच दोनों बैंक अकाउंट से 6.34 करोड़ की ट्रांजैक्श की गई थी और ये सारी ब्लैक मनी थी. इसके बाद आयकर विभाग ने नरोला को नोटिस भेजा था. (तस्वीर प्रतीकात्मक है)
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