मध्य प्रदेश के इंदौर और आस पास के इलाकों में एक अनजान वायरस ने कहर बरपाया है. टीओआई के मुताबिक इस वायरस की वजह से पिछले 4 महीनों में 64 लोगों की मौत हुई है. विशेषज्ञों की माने यह वायरस स्वाइन फ्लू से मिलता जुलता है लेकिन स्वाइन फ्लू नहीं है. अधिकारियों के मुताबिक भोपाल के वायरॉलजी लैब में कुछ लोगों के सैंपल भेजे गए थे इनमें से 39 लोग स्वाइन फ्लू से पीड़ित थे. इन मरीजों में 13 की मौत हो गई. वहीं 350 लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए, जिसमें एक मरीज की मौत हुई. लेकिन हैरानी की बात ये है कि 64 लोगों की मौत का कारण जो वायरस बना, उसकी अब तक पहचान नहीं हो पाई है. आईडीएसपी अधिकारी डॉ. अमित मालाकर ने कहा, 'स्वाइन फ्लू वायरस हर साल बदलता है. इसी तरह उसकी दवा भी बदलती है. 2015 में जब इसकी वजह से मौत हुई तो वायरस एच1एन1 था जिसे बाद में कैलिफोर्निया में स्वाइन फ्लू कहा गया. इसी तरह एक और वायरस की पहचान हुई, यह मिशिगन में मिला था लेकिन इसकी पहचान नहीं हो सकी. सैंपलों से यह पता नहीं चला कि मौत की वजह किस वायरस से हुई. अमित ने यह भी बताया कि 64 मरीजों में एक वायरल मिला है जिसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी है. इस वायरस से पीड़ित ज्यादातर लोगों को जुकाम या खांसी थी. उनके लक्षण तो स्वाइन फ्लू से मिल रहे थे लेकिन बाद में इससे पीड़ित लोगों की मौत होने लगी. ये भी पढ़ें: पिछले 70 साल से टल रहा है राम मंदिर मामला, जल्द होना चाहिए समाधान: रविशंकर प्रसाद ये भी पढ़ें: बुलंदशहर हिंसाः आरोपी की पत्नी का दावा, पुलिस ने घर में खुद रखा शहीद इंस्पेक्टर का मोबाइल
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