नए साल की शुरुआत से ही राजस्थान में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है. इस बीमारी से जनवरी महीने में अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है जाबकि 1000 से ज्यादा लोग स्वाइन फ्लू के मरीज पाए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि स्वाइन फ्लू से जोधपुर और उदयपुर में दो-दो औ बाड़मेर में एक व्यक्ति की मौत हुई है. इससे राज्य में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 48 पर पहुंच गई है. प्रवक्ता के अनुसार इस साल 19 जनवरी तक कुल 5061 मरीजों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 1173 सैंपल पाजिटिव पाए गए हैं. मीडिया रिपोर्टस् के मुताबिक राज्य सरकार का कहना है कि बीमारी से निपटने के लिए अभियान चलाए जा रहे है. इसके साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की छुट्टी भी केंसल कर दी गई है. क्या है स्वाइन फ्लू स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, जो काफी तेजी और आसानी से फैलती है लेकिन इसका इलाज संभव है. अगर बीमारी के दौरान और बाद में कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इसको गंभीर होने से बचाया जा सकता है. दरअसल ये एक संक्रमण है, जो इंफ्लूएंजा ए वायरस के कारण फैलता है. ये वायरस सूअरों में पाया जाता है. इंसानों में ये संक्रामक बीमारी काफी तेजी से फैलती है. अगर सावधानी न बरती जाए, तो ये काफी गंभीर भी हो सकती है. स्वाइन फ्लू का खतरा अधिकतर ठंड और बरसात में रहता है क्योंकि ये बीमारी नमी के चलते तेजी से फैलती है. उत्तर प्रदेश से भी सामने आए थे मामले जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों उत्तर प्रदेश से भी स्वाइन फ्लू के 17 मामले सामने आए थे. इसके बाद यूपी सरकार ने स्वास्थ्य अधिकारियों से अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था करने के लिए कहा था. इसके साथ ये भी कहा था कि इस बीमारी के बारे में जनता को ज्यादा से ज्यादा जागरुक किया जाए. एक आंकड़ें के मुताबिक 2018 में स्वाइन फ्लू से 225 लोगों की मौत हुई थी जबकि 2017 में 280 मरीजों की मौत हुई थी. (भाषा से इनपुट)
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