सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी मेहुल चौकसी और जतिन मेहता के प्रत्यर्पण के सिलसिले में वेस्टइंडीज जा सकते हैं. यह दोनों ही जांच एजेंसियां जल्द से जल्द इन कथित भगोड़े व्यापारियों को भारत वापस लाने की तैयारी में हैं. इस ऑपरेशन के लिए एयर इंडिया का बोइंग विमान भी रिजर्व किया जा चुका है. न्यूज18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इन्हें सीबीआई और ED के जॉइंट ऑपरेशन द्वारा भारत लाया जा सकता है. इस ऑपरेशन को लेकर कैरेबियन देशों में सीबीआई की दो टीम अभी भी हैं. साथ ही सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन से जुड़े कुछ अधिकारी तीन दिन पहले ही विदेश गए हैं. भारतीय जांच एजेंसी विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में विदेशी दूतावास के संपर्क में है. मेहुल चोकसी भी कैरेबियन देशोंं में है. जांच एजेंसी के सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि चोकसी और नीरव मोदी जैसे लोग ही इन देशों के निशाने पर होते हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नीरव मोदी इनमें से किसी द्वीप पर रह रहा है या नहीं. चोकसी को कैरिबियाई तो मोदी को यूरोप के देश से उठाया जा सकता है चोकसी को कैरिबियाई देश से उठाया जा सकता है, जबकि नीरव मोदी को यूरोप से उठाया जा सकता है, जहां उसके छिपे होने की संभावना है. प्रत्यर्पण समझौता नहीं होने की वजह से ये द्वीप भारत के भगोड़े आर्थिक अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगार बन गए हैं. इनके अलावा, अन्य देश जैसे ग्रेनाडा, सेंट लुसिया और डोमिनिसिया भी इसी तरह पैसे लेकर नागरिकता देने का काम करते हैं. डोमिनिसिया और सेंट लुसिया महज एक लाख डॉलर में ही नागरिकता और पासपोर्ट दे देते हैं, जबकि अगर पत्नी को भी नागरिकता की जरूरत है, तो इसके लिए सेंट लुसिया 1.65 लाख डॉलर और डोमिनिसिया 1.75 लाख डॉलर लेता है. वहीं, ग्रेनाडा इसी तरह का पासपोर्ट दो लाख डॉलर में देता है. (साभार न्यूज18)
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