गुजरात के नर्मदा जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने एक अमूल्य निवेश करार दिया. उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के ऐतिहासिक प्रभाव को दिखाने में असंतुलन को ठीक करने का एक तरीका है. नायडू ने 2989 करोड़ रुपए की लागत से बनी 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का दौरा किया. साथ ही उन्होंने कहा 'यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आधुनिक भारत के निर्माण में सरदार पटेल के दृष्टिकोण, साहस, क्षमताओं और योगदान का एक दृढ़ अनुस्मारक है. सही मायनों में यह हमारे देश की ऐतिहासिक कहानी को प्रस्तुत करने में असंतुलन को ठीक करने का एक तरीका है.' मूर्ति के निर्माण पर खर्च किए गए पैसे को सही ठहराते हुए नायडू ने कहा 'इसे बनाने में खर्च की गई राशि इसके लायक थी और यह एक अमूल्य निवेश है.' उन्होंने कहा 'हम सभी जानते हैं कि हमारे पड़ोसियों में से एक ने 1962 में हमारे खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था. अगर सरदार की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाता, तो स्थिति अलग हो सकती थी. सरदार पटेल के जरिए उठाए गए अन्य सभी मुद्दे अभी भी प्रासंगिक हैं.' साथ ही उन्होंने मूर्ति बनाने की पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की और कहा कि इसे सभी भारतीयों के बीच एकता बनाए रखने के लिए एक अनुस्मारक के तौर पर देखा जाना चाहिए.
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