योग गुरु बाबा रामदेव के बाद अब AIMIM प्रमुख असादुद्दीन औवेसी ने भारत रत्न दिए जाने के लेकर सवाल उठाए हैं. बीते रविवार को महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान असादुद्दीन औवेसी ने कहा- मुझे ये बताओ कि जितने भारत रत्न के अवॉर्ड दिए गए उसमें से कितने दलित, आदिवासी, मुसलमान, गरीब, उच्च जाति और ब्राह्मण को दिए गए. बाबासाहेब को भारत रत्न दिया पर दिल से नहीं दिया मजबूरी की हालत में दिया. Asaduddin Owaisi at an event in Maharashtra y'day: Mujhe yeh batao ki jitne Bharat Ratna ke award diye gaye usmein se kitne dalit, adivasi, musalmanon, garibon, upper caste aur Brahminon ko diye gaye? Babasaheb ko Bharat Ratna diya par dil se nahi diya majboori ki halat mein diya pic.twitter.com/8P0V0Ncr3H — ANI (@ANI) January 28, 2019 भारत रत्न पर ओवैसी ने आगे कहा- बताओ कितने एसीएसटी और मुसलमानों को भारतरत्न दिया गया. 26 जनवरी को तिरंगा फहराया गया 'जन गण मन' गाया गया फिर मोहम्मद रफी के गाने लगा दिए सबने सुना. सबको मोहम्मद रफी के गाने पसंद हैं लेकिन कोई मोहम्मद मुंबई में फ्लैट नहीं खरीद सकता. बता दें कि इससे पहले योगगुरु बाबा रामदेव ने आजादी के बाद से अब तक एक भी संन्यासी को भारत रत्न न दिए जाने को लेकर नाजारगी जाहिर की थी. इसके साथ महर्षि दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद जी, या शिवकुमार स्वामी जैसे संतों को भारत रत्न दिए जाने की मांग भी की. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बाबा रामदेव ने पूछा था, महर्षि दयानंद सरस्वती और स्वामी विवेकानंद का योगदान राजनेताओं और कलाकारों से कम है? आज तक एक भी संन्यासी को भारत रत्न क्यों नहीं मिला? उन्होंने कहा था, मदर टेरेसा को दे सकते हैं क्योंकि वो इसाई हैं लेकिन संन्यासियों को नहीं क्योंकि वो हिंदू हैं. उन्होंने पूछा, हिंदू होना गुनाह है इस देश में? बाबा रामदेव ने आगे कहा, ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले 70 सालों में किसी भी संन्यासी को भारत रत्न नहीं दिया गया. चाहे वो महर्षि दयानंद सरस्वती या स्वामी विवेकानंद जी हो या फिर शिवकुमार स्वामी हों. ऐसे सभी संत जिन्होंने इतना कुछ दिया है, उन्हें भारत रत्न जरूर मिलना चाहिए.
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