किसी भी सरकार से जनता की सबसे बुनियादी मांग होती है शिक्षा और स्वास्थ्य की. इसके लिए जनता टैक्स देती है. हालांकि देश के दो बड़े राज्य (उत्तर प्रदेश और बिहार) समय-समय पर प्रशासन द्वारा दी जा रही स्वास्थ्य व्यवस्था की बुनियादी सुविधाओं का परिहास उड़ाते रहते हैं. ऐसा ही एक उदाहरण पेश किया नवादा के सरकारी अस्पताल ने. एएनआई न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के इस इंसानों के अस्पताल में बिस्तरों पर कुत्ते सोते नजर आए. किसी भी सरकारी अस्पताल की इससे बुरी तस्वीर क्या होगी. हालांकि जब मामले ने तूल पकड़ा तो लीपा-पोती करने के लिए अस्पताल के इनचार्ज ने जांच करने की बात कही. Bihar: Dogs found sleeping on beds in Nawada government hospital. Umesh Chandra, Incharge, Civil Surgeon says, "We will ascertain how this happened and who's responsible for it." pic.twitter.com/jkUVZspkpA — ANI (@ANI) January 16, 2019 कहा जाता है कि जनता बहुत भोली होती है और जल्द ही सब भूल जाती है. लेकिन इतनी भोली तो नहीं होती की मासूम बच्चों की मौत भी भूल गई हो. जी हां कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल का वाकया तो आपको याद ही होगा. जिसमें अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण कई बच्चों की मौत हो गई थी. राजनीतिक तौर पर काफी खास हैं ये दो राज्य समय के चक्र के फेरों पर लापरवाही की ऐसी तस्वीरें ये दोनों ही राज्य पेश करते रहते हैं. गौरतलब है कि ये दो राज्य अपनी राजनीतिक सक्रियता के लिए जाने जाते हैं. देश की कुल 545 लोकसभा सीटों में से 120 सीटें तो इन दो राज्यों में हैं. बावजूद इसके यह समय-समय पर स्वास्थ्य जैसी बुनियादी व्यवस्था के आभाव और उनमें हो रही लापरवाही की मिशालें पेश करते रहते हैं. जल्द ही लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं. तमाम राजनीतिक दल विकास के बड़े-बड़े दावे पेश करेंगे. ऐसे में समझदारी का परिचय देते हुए कोशिश कीजिएगा कि इन बुनियादी मुद्दों पर ध्यान देते हुए अपने क्षेत्र के प्रतिनिधि का चुनाव करें.
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