सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एके सीकरी ने बीते रविवार को एक कार्यक्रम में लॉ स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र के मूल्य दांव पर लगे हैं. इसे देखते हुए कानून और संविधान को बरकरार रखने तथा लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है. इस कार्यक्रम में जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़ भी मौजूद थे. न्यूज 18 की खबर के अनुसार गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कॉन्वोकेशन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए जस्टिस सीकरी ने कहा, आज के समय में हम एक अलग ही तरह के परिवर्तन से गुजर रहे हैं. आज की दुनिया को देखने की जरूरत है. आज से 2500 साल पहले ग्रीस ने पूरी दुनिया को लोकतंत्र के जो मूल्य दिए थे वो आज दांव पर लगे हैं. नैतिक मूल्यों के साथ चलते हुए ढेर सारा पैसा कमा सकते हैं यूनिवर्सिटी के छात्रों को संबोधित करते हुए जस्टिस सीकरी ने कहा, इस प्रोफेशन के बारे में एक चीज बहुत अच्छी है कि इसमें आप अपने नैतिक मूल्यों के साथ चलते हुए ढेर सारा पैसा कमा सकते हैं. आपके पास बहुत सारा पैसा आ सकता है जो कि दूसरे प्रोफेशन में नहीं होता. कुछ अन्य प्रोफेशंस में पैसों कमाने के लिए अपने मुल्यों के साथ समझौता करना पड़ता है. इस कार्यक्रम में जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़ भी मौजूद थे. छात्रों को संबंधोति करते हुए उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता के लिए लड़ाई में पुरुषों की काफी अहम भूमिका है. लैंगिक समानता के लिए महिलाएं अकेले लड़ाई नहीं लड़ सकतीं उन्होंने छात्रों से लैंगिक भूमिकाओं को लेकर बनी धारणाओं को तोड़ने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि समाज की धारणा को बदलने के लिए ऐसा करना जरूरी है. इसके अलावा जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा और भेदभाव की समस्याएं उनके अधिकारों और मुद्दों पर लोगों की संवेदनहीनता से और भी बढ़ जाती हैं. उन्होंने कहा, लैंगिक समानता के लिए महिलाएं अकेले लड़ाई नहीं लड़ सकती हैं. इसके लिए पुरुषों को आगे आना होगा और अपनी अहम भूमिका निभानी होगी.
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2Unr2C8
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