सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव की नियुक्ति को चुनौती दी गई है. इस मामले में सुनवाई अगले हफ्ते होगी. न्यूज18 के मुताबिक यह याचिका एक एनजीओ ने दायर की थी जिसमें 10 जनवरी को सरकार द्वारा दिए गए उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसके जरिए आईपीएस अधिकारी एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाया गया. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए कहा गया था. याचिकाकर्ता एनजीओ कॉमन कॉज और आरटीआई एक्टिविस्ट अंजली भारद्वाज की तरफ से वकील प्रशांत भूषण ने बेंच से अपील करते हुए कहा कि इस मामले की सुनवाई इसी शुक्रवार को की जाए. इस बेंच में जस्टिस एलएन राव, एसके कौल भी शामिल हैं. जिसके बाद सीजेआई गोगोई ने भूषण से कहा कि यह संभव नहीं है कि मामले की सुनवाई शुक्रवार को हो इसलिए इस याचिका पर सुनवाई अगले हफ्ते होगी. गौरतलब है कि सीबीआई के अतिरिक्त डायरेक्टर नागेश्वर राव को 10 जनवरी को अंतिरम निदेशक की जिम्मेदारी दी गई थी. पीएम मोदी की अगुवाई में एक हाई पावर कमेटी ने आलोक वर्मा को सीबीआई के निदेशक पद से हटा दिया था. इस कमेटी में पीएम मोदी के अलावा कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और सीजेआई रंजन गोगोई के प्रतिनिधि के रूप में जस्टिस एके सीकरी भी थे. दायर याचिका में कहा गया है कि सीबीआई के निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए. इसमें आरोप है कि नागेश्वर राव की नियुक्ति हाई कमेटी की सिफारिश के आधार पर नहीं की गई है. ये भी पढ़ें: खुद को पीएम कैंडिडेट की तरह प्रोजेक्ट कर मायावती ने मोदी के साथ राहुल को भी दी चुनौती ये भी पढ़ें: राहुल की वजह से लिया था महागठबंधन से अलग होने का फैसला- नीतीश कुमार
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